Saturday, 3 August 2013

राज्य और राजनीति

जैसी की उम्मीद थी,कांग्रेस ने बिना अपनी राजनीति बदले देश के भौगोलिक नक्शे को आखिरकार विस्तार देने की रुपरेखा तैयार कर ही दी | तेलंगाना वासियों के अपार कष्ट के आगे कांग्रेस के नीति निर्धारक मोम की तरह पिघल गए | कभी निजामों की शानोशौकत का गवाह हैदराबाद ,तेलंगाना और आंध्र के बीच दस साल तक एक बड़ी भूमिका का निर्वाह करेगा | इस फैसले के बाद असम में नए राज्य के मांग के लिए भड़की हिंसा ने भविष्य के संकेत दे दिए हैं |