Samvad Aapse
Showing posts with label
River Ganges
.
Show all posts
Showing posts with label
River Ganges
.
Show all posts
Friday, 16 October 2015
गाय को गाय ही रहने दो उसे बीफ न बनाओ,
›
गाय को गाय ही रहने दो उसे बीफ न बनाओ, किसी की आस्था रूपी माँ को, थाली में सजाकर नफरत की आंधी न फैलाओ | माना की तुम वोट बैंक के लिए कुछ ...
Sunday, 5 April 2015
शिव की जटा से निकली, मैं अभागी गंगा बोल रही हूँ |
›
शिव की जटा से निकली,भागीरथी के प्रयासों से इस धरती पर आई, तुम मनुष्यों के पाप धोकर पतितपावनी कहलाई मैं अभागी गंगा बोल रही हूँ | ढूंढ़ती ...
›
Home
View web version