Showing posts with label Poem. Show all posts
Showing posts with label Poem. Show all posts

Saturday, 9 January 2016

0 comments

वो जवानों का सीना गोलियों से छलनी करेंगे और तुम कसाब को बिरयानी खिलाओ |  वो हथियारों का जखीरा भेजेंगे, तुम उन्हें सबूत सौंपते जाओ | वो...

Sunday, 22 November 2015

0 comments

बड़े शांत और सहज भाव से वो रोज मुझे कार्यालय के लिए विदा करती और बड़ी शिद्दत से मेरे आने का करती वो इंतजार | मेरी गैर मौजूदगी में मेरे घर क...

Saturday, 24 October 2015

0 comments

क्यों तुमने लौटाने शुरू किए तब पुरस्कार जब तुम्हारी स्याही को नहीं मिलने लगा सत्ता का आधार | लेखकों पर तो हमले हुए हैं अनेकों बार पर अच...

Friday, 14 August 2015

0 comments

कल लाल किले की प्राचीर से वादों की लंबी फेहरिस्त होगी, आतंकी खतरों से पुलिस हलकान होगी और नेताओं की सुरक्षा का भारी तामझाम होगा | आम आ...

Sunday, 19 July 2015

0 comments

वक्त बेवक्त तुम्हारे चेहरे पर पड़ी मोतियों सी पसीने की बूंदें जला रही थी मुझे, वो मेरी मौजूदगी में भी तुम्हारा स्पर्श करता बार-बार तुम्हा...